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इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के नीचे होती है अगर किसी शख्स को जानना है तो उसे गुस्से की हालत में देखो।
बुराई को देखना और सुनना ही बुराई की शुरुआत होती है।
लाखों दोस्त बनाने से अच्छा है कोई ऐसा दोस्त बनाओ जो लाखो दुश्मन होने पर तुम्हारा साथ दे पर उससे पहले आपको भी ऐसे दोस्त के काबिल बनना।
सहायता, सेवा सभी की करना पर किसी से उसकी कीमत मत मांगना क्योंकि दूसरों की मदद की कीमत सिर्फ ईश्वर ही दे सकते हैं इंसान नहीं।
अगर आप बचपन में शरारतें और जवानी में अच्छे काम नहीं करते हो तो बुढ़ापे में कुछ सोच कर हंसने और खुश होने के लिए कुछ नहीं बचेगा।
कभी कभी हम किसी के लिए उतना भी जरूरत नहीं होते जितना हम सोच लेते हैं।
आलोचना से बचने का बस एक ही रास्ता होता है कुछ मत कीजिए, कुछ मत करे, कुछ मत बनिए।
जिस तरह शबनम के कतरे मुरझाये फूलों की ताजगी देते हैं उसी तरह अच्छे लफ्ज़ लोगों के दिलों को सादगी देते हैं।
हर बच्चा get more info एक कलाकार है, परेशानी यह है वह वयस्क हो जाने पर भी कलाकार बनकर कैसे रह सकता है।
अगर आप कुछ बनने के सपने देखते हैं तो आपके सपने कभी साकार नहीं होंगे लेकिन आप कुछ करने के सपने देखते हैं तो आपके सपने जरूर साकार होंगे।
जब कोई खुदा से किसी के सुख के लिए दुआ करता है तो वह दुआ किसी और का हक से पहले उसके हाथ में कबूल हो जाती है।
इंसान के बीमार होने की एक बड़ी वजह उसे अपनों से मिले धोखे और दोस्तों की जुदाई है।
और तुम कभी किसी की मदद करो तो कभी किसी से उसके बारे में बात मत करो।
मैं खुश हूं क्योंकि मैं अपने दुखों को पहचानता हूं।